photocopy machine invention,photocopier machine के अविष्कार की बात हम करने वाले हैं। क्या आप जानते हैं photocopier  कब और किसने बनाया। Xerox या फोटोकॉपी मशीन का उपयोग आज हमारे जीवन में बहुत ज्यादा बढ़ गया है जब भी हमे किसी भी कागजात की 1 से अधिक कॉपी बनानी होती हैं तो हम फोटोकॉपी मशीन को काम में लेते हैं।क्या कभी हमने सोचा है जिस वक़्त यह मशीन नहीं थी तब लोगों का हाल था तो मे आपको बता दूँ की उस समय लोग हाथ से बहुत जयादा लिखते थे या कार्बन से कॉपी करते थे जो की इतना आसान नहीं था।फोटोकॉपी मशीन के आविष्कार ने एक नै क्रांति को जन्म दिया।अब हम कुछ ही मिनटों में बहुत सी कॉपी एक साथ निकाल सकते हैं।
xerox machine  के अविष्कार का श्रेय चेस्टर कार्लसन (chester carlson) को जाता है। चेस्टर कार्लसन एक न्यूयोर्क की एक कंपनी में पेशेंट मैनेजर का काम किया करते थे इसलिए उन्हें बहुत से कागजों को अपने हाथ से लिखकर बनाना पड़ता था। इसके अलावा किसी फोटोग्राफर इत्यादि को पैसे देकर काम करवाना पड़ता है। जो की पैसे के साथ साथ समय का भी दुरूपयोग करता था।यही कारण था उन्हें मजबूरन इस विषय पर सोचना पड़ा। उन्होंने सोचा की ऐसी मशीन होनी चाहिए जो इस काम को सिर्फ एक बटन दबाने पर पूरा  कर सके। इसके बाद चेस्टर कार्लसन ने लाइब्रेरी में जाकर कई दिनों इस विषय पर शोध किया। 1935 में उन्होंने प्रकाश एवं विधुत प्रभाव को आधार लेकर इस पर काम किया और उसने अपनी पहली प्रति प्राप्त की। 1950 तक यह मशीन उद्योगों को मिलने लगी थी।

xerox machine क्या है ?

एक मशीन जिसकी  सहायता  से किसी दस्तावेज की एक से अधिक कॉपी बिना  किसी मेहनत के बहुत काम समय में प्राप्त की जा सकती हैं ऐसी मशीन को ज़ेरॉक्स या फोटो कॉपी मशीन कहते हैं।
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XEROX YA PHOTOCOPY MACHINE

about chester carlson

chester carlson का जन्म 1906 में वासिंगटन अमेरिका में हुआ था। उनके पिता पैसे से नाइ थे उनकी मौत बहुत जल्दी ही हो गयी थी। पिता की मौत के कारण कार्लसन को जल्दी ही अपने घर की जिम्मेदारी लेनी पड़ी। कैलिफ़ोर्निया इंस्टिट्यूटऑफ़ टेक्नोलॉजी में उन्होंने अपनी कॉलेज पूरी की। इसके बाद उन्होंने कई कंपनीयों में नौकरी के लिए अप्लाई किया परन्तु असफल रहे। बाद में उनको bell telephone company में रिसर्च इंजीनियर की  नौकरी मिली। इस नौकरी से निकले जाने के बाद उनोने एक कंपनी में पेशेंट मैनेजर के पद पर काम किया।फोटो कॉपी मशीन बनाने के लिए उन्हें पूंजी की प्रॉब्लम का भी सामना किया। पूंजी निवेश के लिए उन्होंने CODEC,IBM जैसी कंपनियों में अप्लाई किया परन्तु उन्होंने असफलता का सामना किया परन्तु उन्होंने अपने काम को जारी रखा।
कार्लसन को बाद में कई कंपनियों का अच्छा सहारा मिला और फोटोकॉपी मशीन पर कई शोध किये गए। इनके अलावा भी कई लोगों ने इस विषय पर गहन अध्धयन किया और आज हम इतने सक्षम हो गए हैं की एक छोटी सी मशीन की सहायता से कई कॉपी एक साथ  निकाल  सकते हैं।
में आशा करता हूँ की मेरे द्वारा photocopy machine ka avishkaar kab aur kisne kiya दी गयी जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगी अगर  आपको किसी भी विषय पर कोई प्रॉब्लम हो तो मुझे कमेंट करें में आपकी सहायता करने की पूरी कोशिश करूँगा।