कंप्यूटर को कितने भागो में विभाजित किया गया है ?

computer type,जैसे की जानते ही है कंप्यूटर आज के दौर में हमारे जीवन में कितनी अहम भूमिका निभा रहा है। हम किसी भी काम को कंप्यूटर के साथ बड़ी ही आसानी से कर सकते है। आज में आपको कंप्यूटर से जुडी कई प्रकार की जानकारी बताऊंगा। जैसे कंप्यूटर का इतिहास क्या था और कैसे यह उपकरण एक विशाल कैलकुलेटर के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन आज पूरी दुनिया के लोगो के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपकरण बन गया है। आज कंप्यूटर तकनीक लगभग हर चीज में है। क्या आपने कभी सोचा है की अगर आपके पास मोबाइल, डेस्कटॉप और लेपटॉप नहीं होता, तो आप क्या कर रहे होते ? कंप्यूटर से जुडी कई बाते आज में आपको बताऊंगा हिंदी जानकारी साइट पर।

History of Computer 

आज में आपको बताऊंगा की कंप्यूटर का इतिहास (History of computer) आज से लगभग 300 वर्ष पुराना है, शुरू में कंप्यूटर का अविष्कार mathematics equations गणतीय गणना को बड़ी संख्या में करने के लिए किया गया था। इस प्रक्रिया में कई प्रणालियोे को जन्म दिया जैसे बेबीलोनियन प्रणाली , यूनानी प्रणाली, रोमन प्रणाली और भारीतय प्रणाली।
इसमें से सबसे ज्यादा और universally जिसे मन गया वो भारीतय प्रणाली Indian system of numeration. ये आधारित है  modern decimal system of numeration की जो होती है 0,1,2,3,4,5,6,7,8,9. जैसे की हम जानते है की कंप्यूटर को decimal system समझ नहीं आता है और इसीलिए ये binary system of numeration का processing  के लिए इस्तेमाल करती है 
कैलकुलेशन करने में तो लोगो को  शुरू से ही काफी कठिनाई होती थी।  समय बीतने के साथ साथ लोगो को यह भी महसूस होने लगा की हमें कोई ऐसा यंत्र बनाना चाहिए जो हमारी कैलकुलेशन को काफी हद तक आसान कर दे। तब ABACUS पहली मेकेनिकल मशीन बानी जो गणना करने के लिए बानी थी। 
ABACUS की मदत से लोगो को काफी हद तक गणना करने में आसानी हुई। इसमें कितनी भी  बड़ी संख्या को जोड़ा और घटाया जा सकता था। लेकिन अभी भी पूरी तरह से यह मशीन कैलकुलेशन के लिए पर्याप्त नहीं थी , क्यूंकि इसमें गुणन और विभाजन नहीं कर सकते थे जो की गणीतिय गणना करने के लिए महत्वपूर्ण है। 

सर जॉन नेपियर ने 1616 में एक गणन उपकरण बनाया और इसे नेपियर बोन्स नाम दिया। इस उपकरण से बहुत ही आसानी से जोड़, घटाव, गुना और भाग किया जाता था। इस अविष्कार ने कंप्यूटर के विकास में सर जॉन नेपियर का नाम प्रचलित किया कंप्यूटर के अविष्कार में अहम भूमिका निभाई। धीरे धीरे कई लोगो के अविष्कार से कंप्यूटर में मॉडिफाई किया और आज हमारे सामने एक आधुनिक कंप्यूटर है जिसका हम इस्तेमाल कर रहे है। 

Types of Computer

Types of Computer

कंप्यूटर की हिस्ट्री के बाद अब बात आती है की कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है। वैसे देखा जाए तो कंप्यूटर कई प्रकार के हो सकते है, लेकिन कंप्यूटर को तीन भागो में विभाजित किया गया है। 

  • कार्यप्रणाली के आधार पर (Based on Mechanism)
  • आकार के आधार पर (Based on Size)
  • उद्देश्य के आधार पर (Based on Purpose)
Clasification of Computer

कार्यप्रणाली के आधार पर (Based on Mechanism)

कार्यप्रणाली के आधार पर इन्हें तीन भागो Analog, Digital, and Hybrid में वर्गीकृत किया गया हैं। 

  • Analog Computer :- ये वे कंप्यूटर होते है जो भौतिक मात्राओ, जैसे- दाब (Pressure), तापमान (Tempressure), लम्बाई (Length), ऊचाई (Height) आदि को मापकर उनके परिमाप अंको में व्यक्त करते है ये Computer किसी राशि का परिमाप तुलना के आधार पर करते है जैसे- थर्मामीटर। इनका परिणाम हमें ग्राफ आदि के रूप में प्राप्त होता है. Analog Computer आँकड़े store नही कर सकता है. इनका उपयोग तकनीक, विज्ञान, शिक्षा आदि क्षेत्रों में किया जाता है।                                                      
  • Digit Computer :-  Digital Computer वे Computer है जो व्यापार को चलाते है, घर का वजट तैयार करते है औ प्रकार के Computer किसी भी चीज कि गणना करके “How Many” (मात्रा में कितना) के आधार पर प्रश्न का उत्तर देता हैं। ये Computer गणीतिय तथा तार्किक कार्य करने में सक्षम होता है. जैसे, एक कैलकुलेटर।ये कंप्यूटर Analog कंप्यूटर से कुछ धीमे लेकिन परिणाम में अधिक शुद्ध होते है। Digital Computer सूचनाओं को स्टोर कर सकते है , एक डिजिटल कंप्यूटर गिनता है और एनालॉग कंप्यूटर मापता है।                                                                                                                                
  • Hybrid Computer :- ये ऐसे कंप्यूटर होते है जो Analog computer और Digital computer दोनों के मिक्स कार्य करने वाले होते है, इनका उपयोग जटिल गणितिय समीकरण, वैज्ञानिक गणनाए तथा रक्षा आदि के स्तान पर किया जाता है।  

आकार के आधार पर (Based on Size)

आकर के आधार पर इन्हे चार भागो Micro, Mini, Mainframe, Super में विभाजित किया गया है। 

  • Micro Computer :- इन कम्प्यूटर्स को माइक्रो कंप्यूटर इसलिए कहा जाता है क्यूंकि इनमे mircroprocessor का काम किया जाता है। ये कंप्यूटर देकने काफी छोटे व हलके होते है इसलिए इन्हे कही भी आसानी से ले जाया जा सकता है। आज के टाइम में माइक्रो कंप्यूटर ज्यादा लोग पसंद करते है और ज्यादातर लोग इसी पर काम करते है क्यूंकि ये single user system होते है और Home Computer या Personal Computer (PC) भी कहते है।                                                                                           
  • Mini Computer :-  इन कंप्यूटरो का साइज लगभग mircocomputer की तुलना में थोड़ा छोटा होता है लेकिन इसकी power super होती है इनमे एक से ज्यादा CPU होते है और ये single user system नहीं होते है।  इन कम्प्यूटर्स को ज्यातर बड़ी कंपनी, यूनिवर्सिटी या किसी Athority के जरिये अपने कार्य को आसान करने में उपयोग होता है। इसीलिए इसे multi user system कहा जाता है। साथ ही इसका इस्तेमाल scientific research, instrumentation system, engineering analysis, industrial process monitoring or control में भी होता है। Example : PDP – 11, VAX .                                                       
  • Mainfram Computer :- एक Mainframe Computer ऊपर वर्णित सभी कम्प्युटर से अधिक तेज तथा क्षमतावान होता है। इनका इस्तेमाल सरकारी प्रतिष्ठानों, बड़ी-बड़ी कम्पनियों द्वारा आँकड़ों को संग्रहित करने के लिए किया जाता है।  ये कम्प्युटर आकार में बहुत बडे होते है। Mainframs computers को अक्सर employ किया जाता है बड़े organizations में bulk data processing और transanction प्रोसेसिंग में। इन कंप्यूटर में करीब 100 users से भी ज्यादा users एक समय में mainframe computer का इस्तेमाल कर सकते है, क्यूंकि ये टाइम शेयरिंग mode के आधार पर कार्य करती है। इसकी word length 48 bits से 64 bits तक होती है।                                                               
  • Super Computer :- Super Computer मानव द्वारा निर्मित अब तक का सबसे तेज और शक्तिशाली कम्प्युटर है. ये कम्प्युटर आकार में बहुत विशाल एवं खर्चीले होते है. इनका उपयोग बड़े संगठनो द्वारा शोध कार्य, मौसम भविष्यवाणी, तकनीक आदि कार्यों में होता है. summit super computer अब तक का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर है जिसे अमेरिका में बनाया गया था। Supercomputer में parallel processing का इस्तेमाल होता है जिससे की इसकी processing सबसे ज्यादा होती है जिससे बहुत से CPUs को एक ही समय में इस्तेमाल किया जाता है। एक typical supercomputer एक सेकंड में करीब ten trillion individual calculations करता है। 

उद्देश्य के आधार पर (Based on Purpose)

Computer को उद्देश्य के आधार पर दो भागो में General Purpose और Special Purpose  के आधार पर वर्गीकृत किया गया हैं। 

  • General Purpose Computer :- General Purpose Computer ऐसे Computer है जिन्हें सामान्य उद्देश्य के लिये तैयार किया गया है इन Computer में अनेक प्रकार के कार्य करने कि क्षमता होती है इनमे उपस्थित C.P.U. की क्षमता तथा कीमत कम होती हैं।  इन Computers का प्रयोग सामान्य कार्य हेतु जैसे- पत्र (Letter) तैयार करना, दस्तावेज (Document) तैयार करना, Document को प्रिंट करना आदि के लिए किया जाता हैं। अभी हम जिस कंप्यूटर पर काम करते है ये जनरल पर्पस कंप्यूटर ही है।       
  • Special Purpose Computer :- Special Purpose Computer ऐसे Computer है जिन्हें किसी विशेष कार्य के लिये तैयार किया जाता है इनके C.P.U. की क्षमता उस कार्य के अनुरूप होती है जिसके लिये इन्हें तैयार किया जाता हैं।  जैसे- अन्तरिक्ष विज्ञान, मौसम विज्ञान, उपग्रह संचालन, अनुसंधान एवं शोध, यातायात नियंत्रण, कृषि विज्ञान, चिकित्सा आदि। 
Types of Mini compter