whole India was closed by the government through Janata curfew

जनता कर्फ्यू के माध्यम से पुरे भारत को बंद कर दिया  गया

whole India was closed by the government through Janata curfew
 

whole India was closed by the government through Janata curfew,कल रविवार के दिन  जनता कर्फ्यू के माध्यम से पुरे भारत को बंद कर दिया  गया जिसमे कई शहरों को लॉक डाउन भी किया गया था। सकल रविवार के दिन पुरे इंडिया को सरकार द्वारा जनता कर्फ्यू के माधयम से बंद किया सरकार के इस कदम में जनता भी खरा उतरने का प्रयास कर रही थी। रविवार के दिन पुरे भारत में सन्नाटा बना हुआ था। इस जाना कर्फ्यू का उद्देशय देश को corona virus से मुक्त करने और आम जनता को इससे बचाकर रखने का था। यह कर्फ्यू 14 घंटों का था जो सुबह 7 बजे से रात्रि 9  बजे तक रहा।इस कर्फ्यू को वेज्ञानिक  तौर पर देखा जाये तो corona virus किसी एक सतह पर 9-12 घंटों तक सक्रिय रहता है और अगर लोग 14 घंटों तक किसी सतह को चुने से बचेंगे तो ये भारत के लिए कारगर साबित हो सकता है।जनता कर्फ्यू के चलते सभी रेल सेवाएं बंद रही तथा हवाई सेवाएं भी बंद रही केवल परचून,पेट्रोल पंप एवं मेडिकल शॉप खुली रही।इसके दौरान 3700 ट्रैन बंद रही सिर्फ वही ट्रैन चली जो 7 बजे से पहले अपने गंतव्य पर नहीं पहुंची।
इसके अलावा एक और घटना सामने आयी जो थी की भारत सभी हिस्सों के लोगों ने थालियां ,तालियां ,शंख और घंटियां बजायी। दरअसल हुआ यूँ  था की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा था की सभी जनता कर्फ्यू के चलते 5 बजे सभी लोग घरों से बाहर आकर तालियां और थालियां बजाये जो हमारे चिकित्सकों ,पत्रकरों के बेहतर काम के लिए सम्बोधन होगा। लोगों ने इस बात को ध्यान में रखकर 5 बजे
घरों की छतों पर चढ़कर शंख और थालियां बजायी।कुछ लोगों को ऐसा भी लगा की इससे कोरोना वायरस नहीं होगा। कुछ लोग तो ऐसे भी थे जिन्हे कारण भी नहीं पता था वो सिर्फ अपने पड़ोसियों को देखकर ऐसा कर रहे थे।
देश के कुछ पत्रकारों के राजनितिक प्रचार प्रसार ने इसे अलग ही रूप दे दिया। उनका कहना है पुराणों मैं लिखा है की घंटी,संख  इत्यादि बजाने से बैक्टीरिया आदि मर जाते है और 120 करोड़ लोगों का घंटी बजाने के पीछे कितनी बड़ी सोच है नरेंद्र मोदी की। इसके बाद कुछे क ने कहा की अमावस्या की रात को यह नरेंद्र मोदी का मास्टर स्ट्रोक है  और  वायरस खत्म  हो जायेगा।  ऐसे लोगों को कहना चाहूंगा की नरेंद्र मोदी को मुर्ख न समझें नरेंद्र मोदी ने कहीं ऐसा नहीं कहा की इससे कोरोना वायरस ख़त्म हो जायेगा उन्होंने कहा था की इससे लोगों की हौसला अफजाही होगी। उनका मतलब था की ॐ के उच्चारण से लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का परवाह होगा। माना जाए की ऐसा करने से अगर कोरोना का अंत होता ह तो उसे एयरपोर्ट पर ही ख़त्म  हो जाना  चाहिए था क्योंकि भारत विविधता में एकता वाला देश है यहाँ हर गली में मंदिर,मस्जिद और गुरूद्वारे है। जहाँ किसी से अजान तो किसी से ॐ की आवाज निकलती है।हाँ ये बेहतर भी है की प्रत्येक नागरिक को पॉजिटिव सोच बनाकर रखनी चाहिए लेकिन ऐसा करना कोरोना को कोई चुनौती नहीं दे सकता।
corona virus के लिए लगाए जनता कर्फ्यू और लॉक डाउन के कारण उन  लोगों को मुसीबत होगी  जो हर शाम कमाकर लाते हैं और अपना गुजरा करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बात को ध्यान में रखकर दिहाड़ी मजदूरों को हजार रूपए देने का निर्णय किया है। ऐसा करना एक सराहनीय काम है इसके अलावा दिल्ली सरकार ने भी जनता को न घबराने और खाने पिने का सामन घर पर उपलब्ध करवाने का आस्वाशन दिया है।
प्रधान मंत्री narendra modi ने ट्वीट करते हुए लिखा की सावधानी बरतें घबराएं नहीं। इस वक्त आपका घर में रहना ही  नहीं बल्कि आप जिस शहर मैं रह रहे है आपका वहीँ रहना जरुरी है। गैर जरुरी यात्राएं न करें इस वक्त आपकी एक छोटी सी कोशिश भी कारगर साबित हो सकती है।
राहुल गाँधी ने भी कल ट्वीट किया की और बताया की कोरोना भारत की नाजुक अर्थववस्था पर कड़ा प्रहार है। छोटे व्यवसायी और मजदूरों को इससे सबसे ज्यादा प्रभावित बताया और कहा की ताली बजाने से उन्हें मदद नहीं मिलेगी उन्हें आज बड़ी आर्थिक मदद की जरूरत है।

  • क्यों पड़ी जनता कर्फ्यू की जरूरत

सरकार के इस कदम की बात करें तो इसका मुख्या कारण है भारत मैं बढ़ते corona पॉजिटिव लोग है। भारत के 23 राज्य इससे प्रभावित हो चुके है। अब तक 300 से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जो भारत के लिए खतरा बन सकता। भारत CORONA  की 2 स्टेज पार कर तीसरी स्टेज तक पहुँच गया है। 1st स्टेज मैं वे लोग थे केवल विदेश से आये थे। 2nd स्टेज में विदेश से आने वाले लोगों के सम्पर्क में आने वाले व्यक्ति थे। परन्तु भारत अब इन दोनों स्टेज को पार कर चूका है क्योकि भारत में कुछ संकर्मित लोग ऐसे भी पाए गए है जिनका ओरिजिन पता नहीं लग पाया है।इतना ही नहीं अब तक 7 कोरोना पीड़ितों की मौत भी हो गयी। इसका कोई भी इलाज न मिल पाना एक बहुत बड़ी चुनौती है। बचाव को उपाय मानते हुए भारत सरकार ने जनता कर्फ्यू का निर्णय लिया।

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